हारे के सहारे आप हो मेरे खाटू लखदातार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारे के सहारे आप हो मेरे खाटू लखदातार,

सरन में थारे आगयो बाबा रख दो मारी लाज,

मैं तो रोज रोज थारा ही गुन गाऊ खाटू वाले जी,

हेलो मारो समलो जी, लखदातार जी हेलो....

तीन बाण धारी श्याम तीर ना चलाओ,

दिल मेरा बोले श्याम जल्दी बुलाओ ना,

माने पल- पल थानी याद गणी आवे खाटू वाले जी हेलो.....

हारे के सहारो बाबा तू ही एक मारो,

दुनिया मद मारो श्याम कोई ना सहारा,

ओ थारे सरणा में आयो हु दोई कर जोड़ खाटू वाले जी हेलो....

हर ग्यारस ने थारे भीड़ भारी लागे,

भगत करे जय कारे, शीश दानी न्यारे,

बाबा खाटू री नगरी में नाम गूंजे लखदातार जी हेलो.....

कलयुग में श्याम थांको शीश पुजावे,

दिन दुखी आवे द्वार सहारों बन जावे,

शीश दानी जग में नाम अमर कहावे खाटू वाले जी हेलो......

थारो भजन श्याम सबने सुनाऊ,

मन में उठी लगन द्वार में आऊ,

धरम आपरा सरना में गुण गावे खाटू वाले जी हेलो.......

जय श्री श्याम प्यारे की

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।