मगन हुए हैं भोलेनाथ आई है शिवरात्रि

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सावन का महीना बहना घटा उठी,

मेरी बहना मगन हुए हैं भोलेनाथ आई है शिवरात्रि.....

रिमझिम रिमझिम बुंदिया पड़ी,

मेरी बहना पर्वत पर झूमे भोलेनाथ आई है शिवरात्रि.....

जल का तो लोटा ले लो हाथ में,

मेरी बहना मंदिर में भोले को नवाओ आई है शिवरात्रि.....

भांग धतूरा और बेल पाती,

मेरी बहना भोले को देओ रे चढ़ाए आई है शिवरात्रि......

सास ननंद ले लो साथ में,

मेरी बहना भोले के भजन सुनाओ आई है शिवरात्रि......

गौरा मैया भोले के साथ में,

मेरी बहना डमरू बजे है कैलाश में आई है शिवरात्रि....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।