भोले बाबा की दीवानी हो गई

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा की दीवानी हो गई,

आपकी गौरा सयानी हो गई.....

बीता बचपन और लड़कपन खेल में,

अब शुरू इनकी कहानी हो गई,

भोले बाबा की दीवानी हो गई.....

मिट नहीं सकता लिखा जो तकदीर का,

बात सच लेकिन पुरानी हो गई,

भोले बाबा की दीवानी हो गई.....

हाथ में लिखा जबाबी तक नहीं,

देखकर दुर्गे भवानी हो गई,

भोले बाबा की दीवानी हो गई.....

तब करें वरदान में शंकर मिले,

सुनके गौरा पानी पानी हो गई,

भोले बाबा की दीवानी हो गई.....

जन्मो जन्मो तक चली इनकी कथा,

और अमर इनकी कहानी हो गई,

भोले बाबा की दीवानी हो गई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।