देखो अमरनाथ विच जाके

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देखो अमरनाथ विच जाके,

भोला बैठा बर्फ जमा के,

लप लप भंग दे गोले खा के,

धूनी तप्दी जांदी आ,

नाम तेरे दी मस्ती,

भोलेया चढ़दी जांदी आ......

गल विच पाया नाग मोटा,

हाथ विच फड्या कुंडी सोटा,

नाले पाया इको लंगोटा,

धूनी तप्दी जांदी आ,

नाम तेरे दी मस्ती,

भोलेया चढ़दी जांदी आ......

गौरा कदम कदम ते रोवे,

भोला सारी रात ना सोवे,

ना नाहवे ना मुह धोवे,

गंगा वगदी जांदी आ,

नाम तेरे दी मस्ती,

भोलेया चढ़दी जांदी आ......

जेहड़ा ले आवे आक धतूरा,

उसदा होवे मनोरथ पुरा,

झोली भरदी जांदी आ,

नाम तेरे दी मस्ती,

भोलेया चढ़दी जांदी आ......

संगत दुरो दुरो आवे,

लोटा भर भर जल चढ़ावे,

महिमा सारे तेरी गावे,

मस्ती चढ़दी जांदी आ,

नाम तेरे दी मस्ती,

भोलेया चढ़दी जांदी आ......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।