हम शिव के चेले है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हमे धन दौलत की चाह नहीं, हम शिव के चेले है,

हमे दुनिया की परवाह नहीं, हम शिव के चेले है,

शिव के चेले है, हम शिव के चेले है,

हमे धन दौलत की चाह नहीं, हम शिव के चेले है......

भस्म रमाये तन पर शिव शम्भु तो वन वन घूमे,

लगा दे आसन जहा वहा लग जाते मेले है,

हमे धन दौलत की चाह नहीं, हम शिव के चेले है......

महादेव के नाम की हमको ऐसी लगन लगी है,

शिव रहते हमारे साथ, नहीं हम रहते अकेले है,

हमे धन दौलत की चाह नहीं, हम शिव के चेले है......

स्वर्ग नहीं बैकुंठ नहीं ना मोक्ष की हमको आशा,

शिव के सिवा कोई राह नहीं बस पड़े झमेले है,

हमे धन दौलत की चाह नहीं, हम शिव के चेले है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।