आया सावन का सोमवार

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

चलो भोले के दरबार, आया सावन का सोमवार,

भक्त निकले है हज़ार, महिमा इनकी है अपरम्पार,

चलो भोले के दरबार......

देखो गौरी इनके साथ, डमरू है इनके हाथ,

है त्रिशूल ये धारी, कहलाये भोलेनाथ,

होके नंदी पे सवार, बहती जटा में गंगा धार,

चलो भोले के दरबार......

चलो भोले के दरबार, आया सावन का सोमवार,

भक्त निकले है हज़ार, महिमा इनकी है अपरम्पार,

चलो भोले के दरबार......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।