देखो शिव कितना प्यारा लगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

देखो शिव कितना प्यारा लगे,

देखो शिव कितना प्यारा लगे,

देवो में देव सबसे न्यारा लगे,

देखो शिव कितना प्यारा लगे.....

काँधे पे शिव के बंधा माला है,

शिव के ही सारे चमत्कार है,

हारा है जिसने सारा जमाना,

शिव की जटन में गंगा जो सोहे,

प्यारी वो जल की धारा बहे रे,

देखो शिव कितना प्यारा लगे.....

दुनिया कहे शिव है भोला भाला,

जिसने पिया था विष का प्याला,

धुनें की रज लो लपेटे बदन से,

डमरू बजाता है कितना निराला,

देवो में देव सबसे न्यारा लगे,

देखो शिव कितना प्यारा लगे.....

झूठी नहीं बात वेदों का कहना,

भक्तो के दिल का बनाम होके कहना,

सारी ये दुनिया के दुःख को मिटाये,

नईया भगतो की किनारे लगे,

देखो शिव कितना प्यारा लगे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।