शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये,

मुझे एक मदारी बना दिया,

शिव भक्ति का ऐसा नशा हुआ,

बिन पिए ही शराबी बना दिया,

शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये......

गौरा जी के संग है नाथों के नाथ,

देते सदा अपने भक्तो का साथ,

शिव शंकर ने पी है भांग सदा,

गौरा मईया ने मेहँदी को रचा लिया,

शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये......

शिव की जटाओ में गंगा की धार,

भोले की महिमा है अपरम्पार,

धरती पर गंगा धार बहे,

शीश एक मदारी ने सजा लिया,

शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये......

देवो के देव है, नाथो के नाथ,

कैलाश पर्वत पे करते है वास,

नंदी के साथ में पूनम हो,

देखो अपने गले से लगा लिया,

शिव शंकर की महिमा को क्या कहिये......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।