ओ नंदी लेजा मेरा सन्देश

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ओ नंदी लेजा मेरा सन्देश,

सुणईयों डमरू वाले को......

कई जन्मो से माला जप रही,

चंदन रज माथे पे लग रही,

अरे मेरा,, अरे मेरा जोगन वाला वेश,

सुणईयों डमरू वाले को,

ओ नंदी लेजा मेरा सन्देश,

सुणईयों डमरू वाले को......

मैं तो विरह में मरी पड़ी हु,

कौन सुने दुःख भरी पड़ी हु,

अरे वो,, अरे वो जगतपति जगदीश,

सुणईयों डमरू वाले को,

ओ नंदी लेजा मेरा सन्देश,

सुणईयों डमरू वाले को......

पहाड़ो ऊपर तेरा ठिकाना,

प्राणनाथ शिव शम्भु माना,

अरे मेरे,, अरे मेरे लगी कलेजे में ठेस,

सुणईयों डमरू वाले को,

ओ नंदी लेजा मेरा सन्देश,

सुणईयों डमरू वाले को......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।