बाबा श्याम के दरबार मची होली

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

बाबा श्याम के दरबार में मची है होली बाबा श्याम के,

नंदलाल के दरबार मची है होली नंदलाल के....

के मन लाल गुलाल उड़ता है,

के मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,

बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....

सो मन लाल गुलाल उड़त है,

दश मन केसर कस्तूरी बाबा श्याम के,

बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....

कितने बरस के कुवर कन्हैया,

कितने बरस की है राधा गोरी बाबा श्याम के,

बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....

8 बरस को कुवर कन्हैया,

16 बरस की है राधा गोरी बाबा श्याम के,

बाबा श्याम के दरबार में मची है होली....

कुण्या जी के हाथ में है रंग को कटोरे रे,

कुण्या जी के हाथ में है पिचकारी रे,

बाबा श्याम के......

का उड़ा रे हाथ में है रंग को कटोरे रे,

राधा जी के हाथ मे है पिचकारी रे,

बाबा श्याम के......

सिंगर व लिरिक्स.. नवरत्न पारीक सुजानगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।