भजन करो भाई हरि का सुखदाई

पारंपरिक
श्री राम भजन विष्णु भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

भजन करो भाई हरि का सुखदाई,

ओ ही पार करे उद्धार करे, जिसने भी लगन लगाई।

भजन करो भाई.....

भक्तो की प्रभु सुनते है सदा,

भक्तो को तारने आए थे,

जंगल में भीलनी सबरी के,

ओ झूठे बेर भी खाए थे,

करुणा के धाम ओ है श्रीराम रघुकुल के है रघुराई,

भजन करो भाई......

केवल दो कच्चे धागों से,

द्रोपति ने बांधा था बंधन,

द्रोपति ने ध्यान लगाया तब,

जब हो रहा था चीर हरण,

जल्दी से ओ आए अपनी लीला दिखाए, बहना की लाज बचाई,

भजन करो भाई हरि का सुखदाई......

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।