जिस दिन भोले जी तेरा दर्शन होगा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – झिलमिल सितारों आंगन होगा

जिस दिन भोले जी तेरा दर्शन होगा,

उस दिन सफल मेरा जीवन होगा.....

भोले के लिए तो में दीपक लेकर जाउंगी,

भोले न मिलेंगे तो में वापस नहीं आउंगी,

उसी दीपक संग जलना होगा,

उस दिन सफल मेरा जीवन होगा.....

गोरा के लिए में तो चुनर लेके जाउंगी,

गोरा ना मिली तो में वापस नहीं आउंगी,

वही चुनर मेरा कफ़न होगा,

उस दिन सफल मेरा जीवन होगा.....

लोग ये कहेंगे देखो ढोगंन जा रही हे,

भोले ये कहेंगे मेरी भक्तन आ रही हे,

आत्मा परमात्मा का संगम होगा,

उस दिन सफल मेरा जीवन होगा.....

जिस दिन भोले जी तेरा दर्शन होगा,

उस दिन सफल मेरा जीवन होगा.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।