आया शिवरात्रि त्यौहार चलो रे शिव वंदन करे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आया शिवरात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिवरात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे......

आज है गौरी शिव जागरण,

शिव रात्रि पर्व मनाओ सखी,

श्री गौरी शंकर का दर्शन,

करने शिवालय आओ सखी,

आओ कर दे शिव श्रृंगार,

चलो रे शिव पूजन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिव-रात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे......

शिव शिव जपता मनवा हमारा,

ध्यान में शिव साकार,

बारात आई शिव शंकर की,

भुत प्रेत नाचे करते जयकार,

शिव दूल्हा बने करतार,

चलो रे शिव पूजन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिव-रात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे.....

थाली चन्दन फूल रखा,

हाथों में ले लो गंगा जली,

अभिषेक शंकर जी का करो,

पुष्पांजलि करो दीपांजलि,

व्रत कर लो त्याग आहार,

चलो रे शिव पूजन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिव-रात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे......

शिव जी को पूजे विष्णु जी ब्रम्हा,

शिव का है ये संसार,

शिव के बिना नहीं सृष्टि की रचना,

भक्तो करो मन से जय जयकार,

तार देंगे तारणहार,

चलो रे शिव पूजन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिव-रात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे......

आया शिवरात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे,

वंदन करे अभिनंदन करे,

आया शिवरात्रि त्यौहार,

चलो रे शिव वंदन करे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।