भोले बाबा के कृपा से जल चढ़ जाला हो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पाउबा के छाले तन को बुझाईला,

कठिन डगरिया भी पार होइज़ाला,

एक फुक गांजा पिया दे पॉवर चढ़ जाला हो,

भोले बाबा के कृपा से जल चढ़ जाला हो.....

बाबा के बूटी विशेष करेला मुड फ्रेश,

बहुत हरानी थकानी मिटा दे होज़ाला बड़ी रे,

भोले बाबा के कृपा से जल चढ़ जाला हो.....

ऐही बूटी में पॉवर बहुत ना देवघर के टाबर धरवेला,

रीना रे गाड़ी के बाबा दुवरि झटपट ई पहुचा देला,

भोले बाबा के कृपा से जल चढ़ जाला हो......

भोले बाबा के प्रसादी हटा जा भंगिया हमर फिर बाद हो,

हर सावन ज़य जयकार लागे उका रहेला बात हो,

भोले बाबा के कृपा से जल चढ़ जाला हो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।