भोले बाबा से निराला कोई और नही हैं

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा से निराला कोई और नही हैं,

और नही हैं कोई और नही हैं,

ऐसा जग रखवाला कोई और नही हैं......

भक्तो को देते हें महल ये गाड़ी अपन रहते जंगल झाड़ी,

भक्तो देते मोटर गाड़ी लेके घूमे नंदी सवारी,

तो इनके ऐसे दिलवाला कोई और नही हैं,

भोले बाबा से निराला कोई और नही हैं......

शिव का डमरू डम डम बोले अगम निगम का भेद ये खोले,

हा तो ऐसा डमरू बजाने वाला कोई और नही हैं,

मेरे जोगिया से निराला कोई और नही हैं,

भोले बाबा से निराला कोई और नही है.....

80 कोस कैलाश को शिचा भांग दतुर का लगा बगीचा,

तो ऐसा भांग खाने वाला कोई और नही हैं,

भोले बाबा से निराला कोई और नही हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।