है जिंदगी कितनी खूबसूरत जिन्हें अभी ये पता नही हैं

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॥ पावन पाठ ॥

है जिंदगी कितनी खूबसूरत,

जिन्हें अभी ये पता नही हैं,

कोई बहुत प्यार करने वाला,

जिन्हें अभी मिला नही हैं......

चले जो आंधी वो तिनका तिनका,

बिखर जाए आसिया गम नही हैं,

चले जो आंधी वो तिनका तिनका,

बिखर आसिया गम नही हैं,

जो तोड़ दे मेरे हौसलो को,

अभी तूफा उठा नहीं हैं,

है जिंदगी कितनी खूबसूरत,

जिन्हें अभी ये पता नही हैं......

हमे तो मतलब है सिर्फ तुमसे,

हमारे दिल मे तू ही तू है,

हमे तो मतलब है सिर्फ तुमसे,

हमारे दिल मे तू ही तू है,

तुमसे मोहब्बत तुमसे शिकायत,

और किसी से गिला नही हैं,

है जिंदगी कितनी खूबसूरत,

जिन्हें अभी ये पता नही हैं......

मेरी निगाओ से दूर मत जा,

सुकुनै दिल बंदिल में समाजा,

मेरी निगाओ से दूर मत जा,

सुकुनै दिल बंदिल में समाजा,

हे कह रही हैं हर एक धङकन,

तेरा बिना कुछ मजा नही हैं,

है जिंदगी कितनी खूबसूरत,

जिन्हें अभी ये पता नही हैं.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।