सारी समस्या का हल एक लोटा जल

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

( कैसे कह दू मेरी हर एक दुआ,

बे असर हो गयी,

और जब जब भी मैं रोया बाबा,

तुझ को खबर हो गयी॥ )

देख कर प्यार तेरा मेरा,

देख कर प्यार तेरा मेरा,

इस दुनिया से किनारा हो गया,

और पता चला ही नहीं,

कब तुझसे प्यार हो गया,

मेरे भोले बाबा से मुझे प्यार हो गया,

मेरे भोले बाबा से मुझे प्यार हो गया,

मुझे प्यार हो गया मेरा दिल खो गया,

मेरे भोले बाबा से मुझे प्यार हो गया.....

भक्ति करके तेरी बाबा आया मुझमे बल,

जैसे तूने ढला बाबा मैं भी गया ढल,

सारी समस्या का हल बाबा एक लोटा जल,

मेरे शिव को चड़ाउ कोई एक लोटा जल,

इनको जल चढाने से चमत्कार हो गया,

मेरे भोले बाबा से मुझे प्यार हो गया,

मुझे प्यार हो गया मेरा दिल खो गया,

मेरे भोले बाबा से मुझे प्यार हो गया.....

सारे दुखो का उपाए बोलो ॐ नमः शिवाय,

जो बोले ॐ नमः शिवये उसके दुःख मिट जाए,

सारे दुखो का उपाए बोलो ॐ नमः शिवाय,

किसी का दिल न दुखाओ,

ना किसी को तुम रुलाओ,

ना लो किसी की हाय,

सारे दुखो का उपाए बोलो ॐ नमः शिवाय......

पागल पागल कहती मुझे दुनिया ये सारी,

मुझे तेरे नाम की हो गयी बिमारी,

लोग मुझे रात दिन मारते ये ताना है,

ये देखो ये देखो,

ये देखो भोले का दीवाना चला आया है,

कोई पागल है धन दौलत का कोई पैसे दारी का,

सच्चा पागल वो ही है जो पागल भोले भंडारे का,

पागल भोले भंडारे का पागल भोले भंडारे का.....

जब तक नहीं पहुचेगो महाकाल नगरी उज्जैन,

सुकून नहीं मिलता कोई दवा या दुआओ में,

जो सुकून मिलता है उज्जैन की खुली हवाओ में,

मेरी आई बला को टाल मेरे बाबा महाकाल,

कृपा तेरी ऐसी करेगा ना कमाल मेरे बाबा महाकाल,

मेरे बाबा महाकाल मेरे बाबा महाकाल.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।