कोने तोला झूलना झूलाये वो दाई,

अमन बघेल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

कोने तोला झुलाना झूलाये वो दाई, कोन मगन नाचे ना,

कोने तोला झुलना झूलाये वो.. दाई कोन मगन नाचे न,

कोन झूलाये तोला जान वो,

लगुरे झूलाये तोला झुलना दाई,

जोगी मगन नाचे ना...

सोन जरी के तोर डोर वो,

रतन जड़े तोर झुलना दाई,

विश्कर्मा म नाचे ना...

पलना म गुथे फूल तोर वो,

दस रंग फूल गुथे पलना दाई,

सोहत कस साजे ना...

झमक झमक पग तोर वो,

जाहिर सुमरे तोर जस रचके,

चरण सरन लागे ना...

गायक-अमन बघेल

संगीतकर-अमर सेन्द्रे

श्री गणराज सत्संग भजन मंडली

निगम कालोनी आमापारा रायपुर

( छत्तीसगढ़)

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।