श्याम के सिवा कहीं दिल ना लगाना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम के सिवा कहीं

दिल ना लगाना,

नहीं तो पड़ेगा तुझे,

नहीं तो पड़ेगा तुझे,

आंसू बहाना,

श्याम के सिवा,

कहीं दिल ना लगाना......

जो श्याम का गुणगान किया है,

सच्चा जीवन वो ही जिया है,

सुमिरन के बल से तुझे,

सुमिरन के बल से तुझे,

मुक्ति है पाना,

श्याम के सिवा,

कहीं दिल ना लगाना......

बालापन गया आज जवां है,

बीत गया अब समय कहाँ है,

सोच समझ के,

सोच समझ के,

वक्त गंवाना,

श्याम के सिवा,

कहीं दिल ना लगाना......

आया जहाँ से वही फिर है जाना,

वहां साथ जाए ना पैसा खजाना,

पूछेगा तो क्या,

पूछेगा तो क्या,

करोगे बहाना,

श्याम के सिवा,

कहीं दिल ना लगाना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।