हे शम्भु बाबा मेरे भोलेनाथ

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शम्भु बाबा मेरे भोलेनाथ,

तीनो लोक में तू ही तू,

श्रद्धा सुमन मेरा मन बेलपत्री,

जीवन भी अर्पण कर दू.....

जग का स्वामी है तू अंतरयामी है तू,

मेरे जीवन की अनमिट कहानी है तू,

तेरी शक्ति अपार तेरा पावन है द्वार,

तेरी पूजा मेरा जीवन आधार,

धुल तेरे चरणों की लेकर,

जीवन को साकार किया,

हे शम्भु बाबा मेरे भोलेनाथ,

तीनो लोक में तू ही तू......

मन में है कामना और कुछ जानू ना,

जिंदगी भर करू तेरी आराधना,

सुख की पहचान दे तू मुझे दे,

प्रेम सबसे करू ऐसा वरदान दे,

तूने दिया बल निर्बल को,

अज्ञानी को ज्ञान दिया,

हे शम्भु बाबा मेरे भोलेनाथ,

तीनो लोक में तू ही तू......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।