दर पे बुला लीजिए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अब कभी मुझसे रूठे नहीं ऐसी किस्मत सजा दीजिए,

हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पे बुला लीजिए......

रंग लाती नहीं इसलिए भोले बाबा ये अर्जी मेरी,

कैसे आऊं नगरिया तेरी होगी जब तक ना मर्जी तेरी,

शीश आकर झुकाऊं तुम्हें ऐसे योग लगा दीजिए,

हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पे बुला लीजिए......

देख पाए ना मेरे सिवा मेरे शंभू जमाना तुझे,

अपनी नगरी घुमाना मुझे अपनी बातें बताना मुझे,

भक्तों के साथ शंभू मेरे वक्त थोड़ा बिता लीजिए,

हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पर बुला लीजिए......

हम पे नजरे करम कीजिए भूलके मेरी नादानियां,

वक्त मेरा सुधर जाएगा जो करोगे मेहरबानियां,

भोले भाले से मेरे प्रभु अब तो मेरा भला कीजिए,

हे महाकाल राजा मुझे अपने दर पर बुला लीजिए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।