हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा,

तूं चाहें वहीं मैं करुं शंकरा,

हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा.....

मैं कही भी रहू काम कुछ भी करुं,

काम कुछ भी करुं काम कुछ भी करुं,

तेरे चरणों का वंदन मैं करता हूं,

वंदन करता रहूं वंदन करता रहूं,

नाम हर पल तेरा मैं जपूं शंकरा,

हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा.....

तेरे चरणों का चरणामृत मिलता रहे,

मिलता रहे चरणामृत मिलता रहे,

जीवन तेरी रजा में मेरा चलता रहे,

जीवन चलता रहे जीवन चलता रहे,

तूं खुशी दे या ग़म मैं सहूं शंकरा,

हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा......

जब अनाड़ी की आएगी अंतिम घड़ी,

तब मेरे साथ ना हो कोई गड़बड़ी,

ना कोई गड़बड़ी ना कोई गड़बड़ी,

राख बन गंगाजल में बहूं शंकरा,

हर जन्म तेरा होके रहूं शंकरा......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।