मेरे कान्हा दर्दे दिल की दवा दीजिये

पूनम यादव
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दर्दे दिल की दवा दीजिये,

मेरे प्यारे,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिए,

मेरे प्यारे,

दर्दे दिल की दवा दीजिये......

मेरा दिल आपका घर हुआ,

मेरे प्यारे,

मेरा दिल आपका घर हुआ,

आते जाते रहा कीजिये,

मेरे प्यारे,

आते जाते रहा कीजिये,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिये,

मेरे कान्हा,

दर्दे दिल की दवा दीजिये......

जख्म दुनिया ने जो मुझको दिए,

मेरे प्यारे,

जख्म दुनिया ने जो मुझको दिए,

थोड़ा मरहम लगा दीजिये,

मेरे प्यारे,

थोड़ा मरहम लगा दीजिये,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिये,

मेरे कान्हा,

दर्दे दिल की दवा दीजिये......

गिर ना जाऊँ कही राह में चलते चलते,

मेरे प्यारे,

गिर ना जाऊँ कही राह में चलते चलते,

अपना दामन थमा दीजिये,

मेरे प्यारे,

अपना दामन थमा दीजिये,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिये,

मेरे कान्हा,

दर्दे दिल की दवा दीजिये.....

थक गया दुनिया के झंझटो से,

मेरे प्यारे,

थक गया दुनिया के झंझटो से,

आँचल में छुपा लीजिये,

मेरे प्यारे,

वृन्दावन में बसा लीजिये,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिये,

मेरे कान्हा,

दर्दे दिल की दवा दीजिये......

दर्दे दिल की दवा दीजिये,

मेरे प्यारे,

दर्दे दिल की दवा दीजिए,

थोड़ा सा मुस्कुरा दीजिये,

मेरे प्यारे,

दर्दे दिल की दवा दीजिए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।