कमलेश्वर भोला नाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

पर्वत पर प्यारा लागो जी कमलेश्वर भोला नाथ,

कमलेश्वर भोला नाथ रे तिलस्वां का भोला नाथ ॥

शरणे पड्या की विनती म्हारा त्रिलोकी का नाथ,

में पैदल पैदल आऊं रे कमलेश्वर भोला नाथ ॥

पर्वत......

निर्मल कुण्ड का नीर में नहाया सु मिट जावे रोग,

म्हारी कंचन काया हो जावे कमलेश्वर भोला नाथ ॥

पर्वत...

कारज सारो दास को में झालो देतो आऊं,

कमलेश्वर भोला नाथ मैं तो दर्शन थांका पाऊँ ॥

पर्वत.....

चम्पा लाल की विनती यो चरणां शीश नमावे,

कमलेश्वर भोला नाथ म्हारो बेड़ो पार लगावे ॥

पर्वत......

प्रजापति म्यूजिकल ग्रुप भीलवाड़ा (राज.) 89479-15979

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।