तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी

लखबीर सिंह लक्खा
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – तुम्हे दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो,

झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको,

बस एक बार माँ तुम बुला करके देखो,

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो......

ज़माने से तुमको जो नही मिला है,

मिलेगा यही माँ को बतला के देखो,

नही बात कोई भी टलेगी तुम्हारी,

ये दावा है विनती सूना करके देखो,

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो.....

जिधर देखता हूँ चर्चा यही है,

कोई माँ के जैसा दूजा नही है,

कहोगे वो तुम भी जो मैं कह रहा हूँ,

भवन माँ भवानी के जाकर तो देखो,

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो.......

भुला करके बैठे थे हँसना सदा जो,

वो फूलो के जैसे मुस्का रहे है,

महकने लगेगा तुम्हारा भी जीवन,

ऐ लख्खा तू सर को झुका करके देखो,

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो.......

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो,

झुलाएगी पलकों के झूले में तुझको,

बस एक बार माँ तुम बुला करके देखो,

तुम्हे हर घड़ी माँ प्यार करेगी,

जरा माँ के दर पे तुम आकर के देखो......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।