सारे जग में नाम तेरा तू अति बलवाना है

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – होंठो से छूलो तुम

हे सालासर हनुमान,

संसार ने माना है,

सारे जग में नाम तेरा,

तू अति बलवाना है......

कही आज तलक देखा,

तुम जैसा विर नही,

तुम चिर दिए सीना,

नैनो में नीर नही,

तुम जैसा भक्त नही,

माँ ने पहचाना है,

है सालासर हनुमान,

संसार ने माना है......

जब देखा सीने में,

तेरे राम समाया है,

मोतियन की माला का,

फिर दाम लगाया है,

क्या काम की ये माला,

जब राम ना पाना है,

है सालासर हनुमान,

संसार ने माना है......

माँ के सिंदूर से जब,

तूने तन को रंग डाला,

श्री राम ने देखा तब,

क्या रूप बना डाला,

हे कपि तुझे किसने,

ये भेद बताया है,

है सालासर हनुमान,

संसार ने माना है......

माता ने कहा इससे,

मेरे स्वामी है रीझे,

सोचा ये सच होगा,

ये काज तुरंत कीजे,

कबसे बजरंग मन में,

श्री राम समाया है,

हे सालासर हनुमान,

संसार ने माना है......

हे सालासर हनुमान,

संसार ने माना है,

सारे जग में नाम तेरा,

तू अति बलवाना है.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।