बोल कागा बोल मेरे राम कब आएंगे

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बोल कागा बोल,

मेरे राम कब आएंगे,

शबरी की कुटिया के,

भाग्य जाग जाएँगे,

बोल कागा बोल,

मेरे राम कब आएंगे.....

आए नही राम जी,

लगाई कहाँ देर है,

चुन चुन के मेने कबसे,

रख दिए बेर है,

बलि बलि जाउगी जब,

राम मेरे आएगे,

बोल कागां बोल,

मेरे राम कब आएंगे......

लादे रे कागा मेरे,

राम की खबरिया,

आएँगे धनुष धारी,

कौन सी डगरिया

अखियाँ बिछा दूँगी जब,

मेरे राम आएंगे,

बोल कागां बोल,

मेरे राम कब आएंगे......

भोले भाले दौनो भाई,

बड़े ही रिझावर हैं,

मेरी इस नैया के,

वो ही पतवार है,

जान के अनाथ हमको,

पार वो लगाएंगे,

बोल कागां बोल,

मेरे राम कब आएंगे.......

राम की लगान में,

मगन थी मैं काग रे,

लगी हुई पापो वाली,

बुझ गयी आग रे,

बिगड़ी पुरानी मेरी,

आके वो बनाएँगे,

बोल कागां बोल,

मेरे राम कब आएंगे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।