श्रीगुरु चरण सरोज सहारा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन गुरुदेव भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्रीगुरु चरण सरोज सहारा,

कृपाधाम अति करुणासागर, शरण भक्तजन परम अधारा,

महिमा अनन्त विविधगुण गरिमा, नित परिपूरित महा अपारा,

शरण सदा राधासर्वेश्वर, मुदमन बन्दौं बारम्बारा॥

जगद्गुरु निंबरकाचार्य श्री राधासर्वेश्वर शरण देवाचार्य श्री श्रीजी महाराज द्वारा विरचित

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।