सतगुरू दा जन्मदिन आया

पारंपरिक
महादेव भजन गुरुदेव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बधाईयाँ जी बधाईयाँ जी,

सतगुरू दा जन्मदिन आया,

अज्ज रोम रोम हर्षाया,

सानू गुरु जी ने चरणी लाया जी,

बधाईयां जी.....

धन धन हो गई धरती,

जिस थां लित्ता जनम सरकार ने,

धन धन हो गई डुगरी,

जिस थां लित्ता जनम सरकार ने,

फुल्ला वरगी महक फैल गई,

महक पेया संसार वे,

हर पासे नूर समाया,

जपो ॐ नमो शिवाय,

सानू गुरु जी ने चरणी लाया जी,

बधाईयां जी.....

ना कोई छोटा ए ना कोई वड्डा,

सारे इक्को बराबर,

रल मिल सारे खुशी मनावो,

एहो केया मेरे गुरुवर,

वड्डा मन्दिर वी बनवाया,

सानू चिन्ता मुक्त कराया,

सानू गुरु जी ने चरणी लाया जी,

बधाईयां जी.....

सतगुरू दा जन्मदिन आया,

अज्ज रोम रोम हर्षाया,

सानू गुरु जी ने चरणी लाया जी,

बधाईयां जी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।