गजानंद करम कर करम की घड़ी है

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गजानंद करम कर करम की घड़ी है,

मेरी जिंदगी हाथ जोड़े खड़ी है,

मुकद्दर की कस्ती भंवर में पड़ी है,

मेरी जिंदगी हाथ जोड़े खड़ी है.....

दर पे तुम्हारे आते रहे हम,

मन मंदिर को सजाते रहे हम,

भजन तेरे सबको सुनाते रहे हम,

तमन्ना यही और दुआ भी यही है,

गजानंद करम कर करम की घड़ी है.....

शिव के दुल्हारे हमे दो सहारा,

भव सागर में दे दो किनारा,

सिवा तेरे है कौन जग में हमारा,

गजानंद ये दुनियां बड़ी मतलबी है,

गजानंद करम कर करम की घड़ी है.....

तुम्हे है पता मेरे हालात क्या है,

मुझे है खबर मेरी औकात क्या है,

अगर हो दया तेरी फिर बात क्या है,

बड़ा तू है और बात तेरी बड़ी है,

गजानंद करम कर करम की घड़ी है.....

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।