मुझे राम से मिला दे रे ओ अंजनी के लाला

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मुझे राम से मिला दे रे ओ अंजनी के लाला....

मैं तो गंगाजल ले आई रे ओ अंजनी के लाल,

तेरे चरणों को धुलाऊ रे ओ अंजनी के लाला.....

तेरा मुकट गढाया रे ओ अंजनी के लाला,

हीरा मोती से जड़ाया रे ओ अंजनी के लाला.....

मैं तो केसर रोली लाई रे ओ अंजनी के लाला,

तुझे तिलक लगाऊ रे ओ अंजनी के लाला.....

तुझे माला पहनाऊ रे ओ अंजनी के लाला,

माला फूलों से बनाऊ रे ओ अंजनी के लाला.....

मैं तो कंगन गढाऊ रे ओ अंजनी के लाला,

तेरे हाथों में पहनाऊ रे ओ अंजनी के लाला......

मैं तो चोला लेकर आई रे ओ अंजनी के लाला,

मैं तो आकर तुझे पहनाऊ रे ओ अंजनी के लाला......

मैं तो खीर चूरमा लाई रे ओ अंजनी के लाला,

आकर तुझे भोग लगाऊ रे ओ अंजनी के लाला......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।