सालासर से लाई बीजना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

सालासर से लाई बीजना

यामैं जड़ रही गोटा किनार बड़े जोर का बीजना....

रस्ते में मिल गए बालाजी,

मोहे साच ही साच बता कहां से लाई बीजना,

मैं तो गई सालासर धाम जी,

माता अंजनी ने दिया गढ़ाए झनाझन बाजे बीजना....

रस्ते में विष्णु मिल गए,

मोहे साची साच बता कहां से लाई बीजना,

मैं तो गई थी बैकुंठधाम जी,

माता लक्ष्मी ने दिया गढ़ाए झनाझन बाजे बीजना....

रस्ते में भोले मिल गए,

मोहे साची साच बता कहां से लाई बीजना,

मैं तो गई थी काशीधाम जी,

माता गोरा जी ने दिया गढ़ाए झनाझन बाजे बीजना....

बस्ती में रामा मिल गए,

मोहे साची साच बता कहां से लाई बीजना,

मैं तो गई थी अयोध्या धाम जी,

माता सीता जी ने दिया गढ़ाए झनाझन बाजे बीजना....

रस्ते में कान्हा मिल गए,

मोहे साची साच बता कहां से लाई बीजना,

मैं तो गई वृंदावन धाम जी,

मोहे राधा जी ने दिया गढ़ाए झनाझन बाजे बीजना....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।