मैने लाखो के बोल सहे सांवरिया तेरे लिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – मैने लाखो के बोल सहे

( तेरी सांवली सूरत से,

हो ही गया है प्यार मुझे,

दुनिया के देखे यार बहुत,

एक तू ही मिला दिलदार मुझे।

मेरे उजड़े इस गुलशन की,

अब तक ना मिली है बहार मुझे,

रसिक बिहारी देर ना कर,

झट से दिखला दीदार मुझे॥ )

मैने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए,

तेरे लिए श्याम तेरे लिए,

तेरे लिए श्याम तेरे लिए,

मैने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए......

देखि जब से सूरत प्यारी,

दीवानी भई श्याम तुम्हारी,

दीवानी भई श्याम तुम्हारी,

मेरे नैनो से नीर बहे,

सांवरिया तेरे लिए,

मैंने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए......

घर आँगन ना मोहे सुहावे,

तेरे दरश बिन चैन ना आवे,

तेरे दरश बिन चैन ना आवे,

मोहे पागल यूँ दुनिया कहे,

सांवरिया तेरे लिए,

मैंने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए.....

प्रीत लगा के भूल ना जाना,

मथुरा पूरी से जल्दी आना,

मथुरा पूरी से जल्दी आना,

तेरी याद में रोते रहे,

सांवरिया तेरे लिए,

मैने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए......

दिल में बसे हो मुरली मनोहर,

जनम जनम की तोरी धरोहर,

जनम जनम की तोरी धरोहर,

तेरे चरणों में प्रीति रहे,

सांवरिया तेरे लिए,

मैंने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए......

मैंने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए,

तेरे लिए श्याम तेरे लिए,

तेरे लिए श्याम तेरे लिए,

मैने लाखो के बोल सहे,

सांवरिया तेरे लिए.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।