हम प्रेम दीवानी है वो प्रेम दीवाना है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम प्रेम दीवानी है, वो प्रेम दीवाना है,

उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना......

तन मन जीवन श्याम का, श्याम हमारा काम,

रोम रोम में राम रहा, वो मतवाला श्याम,

इस तन में तेरे योग का, नहीं कोई ठिकाना,

हम प्रेम दिवानी है, वो प्रेम दीवाना है,

उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना......

उधो इन असुवान को, हरी सनमुख ले जाओ,

पूछे हरी कुशल तो, चरणों में दीयो चढाओ,

कहियो जी इस प्रेम का, यह तुच्छ नजराना,

हम प्रेम दिवानी है, वो प्रेम दीवाना है,

उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना.....

प्रेम डोर से बंध रहा, जीवन का संयोग,

सुमिरन में डूबी रहें, यही हमारा योग,

कानो में गूंजता करे, बंशी का तराना,

हम प्रेम दिवानी हैं, वो प्रेम दीवाना है,

उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना......

एक दिन नैन के निकट, रहते थे आठों याम,

अब बैठे है विसार के, वो निर्मोही श्याम,

कैसा वो जमाना था, और अब ये जमाना,

हम प्रेम दिवानी हैं, वो प्रेम दीवाना है,

उधो हमें ज्ञान की, पोथी ना सुनाना......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।