शिव नाथ तेरी महिमा जब तीन लोक गाये

अनुराधा पौडवाल
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

शिवनाथ तेरी महिमा आ आ,

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये,

नाचे धरा गगन तो आ आ,

नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ,

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये.....

तू देव सबसे न्यारा,

तुझको नमन हमारा,

लाये है तेरे द्वारे,

दर्शन की कामनाये,

शिव नाथ तेरी महिमा,

शिवनाथ तेरी महिमा,

पंछी पवन सुनाएँ,

नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये.....

मस्तक पे चन्द्र आधा,

है रूप तेरा साधा,

आयी है गंग धारा,

लेकर तेरी जताएं

शिव नाथ तेरी महिमा

शिव नाथ तेरी महिमा,

तारें गगन के गाये,

नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये.....

है प्रेम की सुधा भी,

है रूपचंद्रिका भी,

हो नील कंठ वाले,

कैसे तुझे रिझाये,

शिवनाथ तेरी महिमा,

तारें गगन के गाये,

नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये......

शिव नाथ तेरी महिमा आ आ,

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये,

नाचे धरा गगन तो आ आ,

नाचे धरा गगन तो,

झूमें दसो दिशाएँ,

शिव नाथ तेरी महिमा,

जब तीन लोक गाये.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।