तेरे दर्शन की आरजू दिल में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – मेरी किस्मत में तू नहीं शायद

तेरे दर्शन की आरजू दिल में,

हर घडी श्याम श्याम करता हूँ,

तू तो बेफिक्र होके बैठा है,

मै तेरा इंतजार करता हूँ,

तेरे दर्शन की आरजू दिल में......

देखता है तू सारी दुनिया को,

पालता है संभालता सबको,

देखता है तू सारी दुनिया को,

पालता है संभालता सबको,

अपने मालिक को देखना चाहूँ,

क्या ये हक़ सांवरे नहीं मुझको,

क्या ये हक़ सांवरे नहीं मुझको,

क्यों नहीं मिल रहा है तू मुझको,

कोशिशे भी हजार करता हूँ,

तू तो बेफिक्र होके बैठा है,

मै तेरा इंतजार करता हूँ,

तेरे दर्शन की आरजू दिल में.....

तुझसे बातें करूँ तमन्ना है,

उससे पहले ना मुझको मरना है,

तुझसे बातें करूँ तमन्ना है,

उससे पहले ना मुझको मरना है,

शुक्रिया कह दूँ सांवरे तुझको,

और कुछ कामना रही ना है,

और कुछ कामना रही ना है,

हाल-ऐ-दिल कैसे क्या कहूं तुझको,

की तुझे कितना प्यार करता हूँ,

तू तो बेफिक्र होके बैठा है,

मै तेरा इंतजार करता हूँ,

तेरे दर्शन की आरजू दिल में......

वक़्त इतना उधार में दे दे,

मिलना मुझसे या आके ना कहदे,

वक़्त इतना उधार में दे दे,

मिलना मुझसे या आके ना कहदे,

जो भी है सामने आ कह मुझको,

कैसे मिल पायेगा पता दे दे,

कैसे मिल पायेगा पता दे दे,

लहरी चितचोर की छुपा क्यों है,

मिन्नते बार बार करता है,

तू तो बेफिक्र होके बैठा है,

मै तेरा इंतजार करता हूँ,

तेरे दर्शन की आरजू दिल में......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।