ना जाने ये दुनिया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ना जाने ये दुनिया किस पे इतराती है,

सब कुछ यही रह जाता जब घडी वो आती है,

पानी के बुलबले सी औकात है दुनिया की,

फिर भी ये सदियों का सामान सजाती है,

ना जाने ये दुनिया.....

यहाँ क्या तेरा मेरा नही कोई किसी का है,

नादान है ये दुनिया जो अपना बताती है,

ना जाने ये दुनिया....

माना ये धन माया एक सुख का साधन है,

बेकार है वो दोलत जो प्रभु को बुलाती है,

ना जाने ये दुनिया......

किस्मत दे अगर धोखा मत इसका गीला करना,

सुख दुःख है वो छाया जो आती जाती है,

ना जाने ये दुनिया.....

दुःख पाए गा गजे सिंह क्यों तू श्याम शरण में जा,

फिर देख दया उसकी क्या रंग दिखाती है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।