इस लायक मैं नहीं था बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – धरती सुनहरी अंबर नीला

इस लायक मैं नहीं था बाबा,

इस लायक मैं नहीं था फिर भी,

तूने खूब दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा,

हँसता गाता ख़ुशी मनाता,

ये संसार दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा....

खाली हाथ ना आए,

जिस और भी हाथ बढ़ाऊँ,

जितना मुश्किल लागे,

वो सहज सभी पा जाऊँ,

पैदल ही आया था,

गाडी में मुझे बिठाया,

सर पर छत भी ना थी,

तूने बंगला बनवाया,

जिसका कोई मोल नहीं,

वो उपकार दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा....

तुझसे ही महकी है,

मेरे आँगन की फुलवारी,

सूना था जीवन मेरा,

अब बच्चो की किलकारी,

दुनिया की नजरो से,

हम सब की रक्षा करना,

तूने ही सिखाया हँसना,

अब रोने को ना कहना,

लहरी मरकर भी भूलूँ ना,

इतना प्यार दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा.......

इस लायक मैं नहीं था बाबा,

इस लायक मैं नहीं था फिर भी,

तूने खूब दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा,

हँसता गाता ख़ुशी मनाता,

ये संसार दिया है,

ये तो प्रेम है तेरा,

ये तो प्रेम है तेरा.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।