सावन का महीना आया है बहार के लिए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – दिल दीवाने का डोला

सावन का महीना आया है,

बहार के लिए,

डलवाया झूला हमने,

लखदातार के लिए.....

रिमझिम बरसे है घटायें,

बागो की मस्त छटाएँ,

इस ऋतू में आप जो आए,

हम सारी खुशियां पाएं,

मेरा तन मन तरस रहा है,

उस प्यार के लिए,

डलवाया झूला हमने,

लखदातार के लिए.....

जब झूले पर बैठेंगे,

ये सब लोग बलैया लेंगे,

हम प्यार से झोटा देंगे,

बस एक ही बात कहेंगे,

तेरा लहरी तरस रहा है,

उध्द्दार के लिए,

डलवाया झूला हमने,

लखदातार के लिए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।