झलक बांके बिहारी की मेरे इस मन में भायी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झलक बांके बिहारी की,

मेरे इस मन में भायी है,

मधुर मुस्कान की महिमा,

मेरे होंठो ने गायी है......

तुम्हारे प्यार में बेहद यहाँ,

दुःख क्यों सहा मैने,

हमारी क्यों ज़माने में,

अजब हालत बनाई है,

मधुर मुस्कान की महिमा,

मेरे होंठो ने गायी है.....

तुम्हारे नाम की माला तो हम,

दिन रात जपते है,

अनोखी चाहते लेकर,

तुम्हारी याद आई है,

मधुर मुस्कान की महिमा,

मेरे होंठो ने गायी है......

सुना है हमने ये स्वामी,

दयानिधि तुम कहाते हो,

तभी तक़दीर भी मेरी,

मुझे इस दर पे लाई है,

मधुर मुस्कान की महिमा,

मेरे होंठो ने गायी है.......

कभी शबरी कभी तुलसी,

कभी सूरा कभी मीरा,

सुदामा भक्त जैसो से,

बहुत यारी निभाई है,

मधुर मुस्कान की महिमा,

मेरे होंठो ने गायी है......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।