कभी रूठना ना मुझसे तू श्याम सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

कभी रूठना ना मुझसे,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे.....

मेरा सांवरे सवेरा, तेरे नाम से,

तेरे नाम से ही,

ज़िन्दगी की शाम सांवरे,

कभी रूठना ना मुझसें,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे.....

चिंतन हो सदा, इस मन में तेरा,

चरणो में तेरे, मेरा ध्यान रहे,

चाहे दुःख में रहूँ, चाहे सुख में रहूँ,

होंठो पे सदा, तेरा नाम रहे,

तेरे नाम से ही, मेरी पहचान है,

तेरी सेवा में ही, मेरा कल्याण है,

मेरा रोम-रोम तेरा करज़ाई है,

तेरे कितने गिनाउ अहसान सांवरे,

कभी रूठना ना मुझसें,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे......

दिल तुमसे लगाना सीखा है,

तुमसे ही सीखा याराना,

जीवन को सवारा है तुमने,

बदले में मैं दू क्या नज़राना,

मैंने दिल हारा, ये भी तेरी प्रीत है,

मेरी हार में भी, श्याम मेरी जीत है,

बस दिल की यही है एक आरज़ू,

तुझे दिल का बना लू मेहमान सांवरे,

कभी रूठना ना मुझसें,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे......

दुनिया के मैं, अवगुण क्या देखूं,

मेरे अवगुण कई, हजार प्रभु,

तुम अवगुण मेरे, सब ढक लोगे,

इतना है मुझे, एतबार प्रभु,

मेरे अवगुणों से, नजरो को फेर लो,

अपनी बाहों में, प्रभु जी मुझे घेर लो,

ऐसी किरपा करो, इस दास पे,

रहे पापो का ना, कोई निशान सांवरे,

कभी रूठना ना मुझसें,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे......

कभी रूठना ना मुझसें,

तू श्याम सांवरे,

मेरी ज़िन्दगी है अब,

तेरे नाम सांवरे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।