तेरी है ज़मीन तेरा आसमां

पारंपरिक
अन्य भजन विविध भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे,

ख़ुदा मेरे तू बक्शीस कर,

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे,

ख़ुदा मेरे तू बक्शीस कर......

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे ख़ुदा,

मेरे तू बक्शीस कर.....

ओ तेरी मर्ज़ी से ऐ मालिक हम,

इस दुनिया में आये हैं,

तुम लोग चुप क्यूँ हो गए,

गाओ ना बच्चों,

गाओ...

तेरी मर्ज़ी से ऐ मालिक हम,

इस दुनिया में आये हैं,

तेरी रहमत से हम सबने,

ये जिस्म और जान पाए हैं,

तू अपनी नज़र हम पर रखना,

किस हाल में हैं ये ख़बर रखना,

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे,

ख़ुदा मेरे तू बक्शीस कर......

तू चाहे तो हमें रखे,

तू चाहे तो हमें मारे,

तू चाहे तो हमें रखे,

तू चाहे तो हमें मारे,

ओ,, तेरे आगे झुकाके सर,

खड़े हैं आज हम सारे,

ओ,, सबसे बड़ी ताक़त वाले,

तू चाहे तो हर आफत टाले,

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे,

ख़ुदा मेरे तू बक्शीस कर.....

तेरी है ज़मीन तेरा आसमां,

तू बड़ा मेहरबां तू बक्शीस कर,

सभी का है तू, सभी तेरे,

ख़ुदा मेरे तू बक्शीस कर......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।