हे मारुती सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में

लखबीर सिंह लक्खा
हनुमान जी कथा हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

हे मारुती सारी राम कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में,

हे मारुती सारी राम कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में,

दुनिया भर की भक्ति का,

भंडार तुम्हारी आँखों में,

हे मारुती,

हे मारुती सारी राम कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में....

जय जय बजरंगबली,

जय जय जय बजरंगबली....

लंका को तुम्ही ने जलाया था,

जलाया था जलाया था,

रावण को तुम्ही ने हिलाया था,

हिलाया था हिलाया था,

संजीवन बूटी लाकर के,

संजीवन बूटी लाकर के,

लक्ष्मण को तुम्ही ने जिलाया था,

जिलाया था जिलाया था,

रहते है सदा रघुनन्दनजी,

साकार तुम्हारी आँखों में,

हे मारुती,

हे मारुती सारी राम-कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में.......

जय जय बजरंगबली,

जय जय जय बजरंगबली....

तुम सचमुच संकट मोचन हो,

संकट मोचन हो,

संकर की तरह त्रिलोचन हो,

त्रिलोचन हो,

जिस पर हो तुम्हारी कृपा उसे,

कभी कष्ट न हो कभी सोच न हो,

चिंता को काट के रखदे वो,

तलवार तुम्हरी आँखों में,

हे मारुती,

हे मारुती सारी राम-कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में.....

जय जय बजरंगबली,

जय जय जय बजरंगबली....

हे मारुती सारी राम कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में,

हे मारुती सारी राम कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में,

दुनिया भर की भक्ति का,

भंडार तुम्हारी आँखों में,

हे मारुती,

हे मारुती सारी राम-कथा का,

सार तुम्हारी आँखों में......

जय जय बजरंगबली,

जय जय जय बजरंगबली....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।