भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – यारो सब दुआ करो

भोले के दर चलो,

लेके कांवड़ चलो,

कलशे छोटे बड़े,

गंगा में भर चलो,

भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे......

चल रे कांवड़िया बढ़ाये जा कदम,

होने नहीं पाए रफ़्तार तेरी कम,

घुंघरू कांवड़ियों के बोले छम छम,

काहे की फिकर अब काहे का है गम,

बोल बम बोल बम बोल बम बम बम.....

सम्भल सम्भल चल भोले की नगरिया,

ऊँची नीची टेडी मेडी संकरी डगरिया,

लचके कांवर बल खाये रे कमरिया,

भारी है कांवर तेरी बाली है उमरिया,

बोल बम बोल बम बोल बम बम बम,

चल रे कांवड़िया बढ़ायेजा कदम,

होने नहीं पाए रफ़्तार तेरी कम,

घुंघरू कांवड़ियों के बोले छम छम,

काहे की फिकर अब काहे का है गम.......

ऐसे थक हार के निराश मत हो,

भोले ने बुलाया तो निभाएगा भी वो,

जिस पल होगी मुलाकात उनसे,

दिल की बताना हर बात उनसे,

बोल बम बोल बम बोल बम बम बम,

चल रे कांवड़िया बढ़ायेजा कदम,

होने नहीं पाए रफ़्तार तेरी कम,

घुंघरू कांवड़ियों के बोले छम छम,

काहे की फिकर अब काहे का है गम......

भोले पे कांवर तेरी चढ़ जाएगी,

आन बान शान तेरी बढ़ जाएगी,

कहता बिहारी लख्खा चूकना नहीं,

खाली ना रहेगी झोली भर जाएगी,

बोल बम बोल बम बोल बम बम बम,

चल रे कांवड़िया बढ़ायेजा कदम,

होने नहीं पाए रफ़्तार तेरी कम,

घुंघरू कांवड़ियों के बोले छम छम,

काहे की फिकर अब काहे का है गम......

भोले के दर चलो,

लेके कांवड़ चलो,

कलशे छोटे बड़े,

गंगा में भर चलो,

भोले शंकर को जल चढ़ाएंगे.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।