म्हारी झुपड़िया आवो मारा राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

म्हारी झुपड़िया आवो मारा राम,

मन रो मोरलीयो रटे थारो नाम,

मारी झूपडीया आवो मारा राम,

एक बार आया पूरो होवे सब काम,

मारी झूपडीया आवो मारा राम.....

सूरज उगे रे मारी उगती रे आशा,

संध्या ढले ने माने मिलती निराशा,

रात दिवस माने सूजे नही काम,

रात दिवस माने सूजे नही काम,

मारी झूपडीया आवो मारा राम......

आँखडली माने आंसू दिखाय है,

दर्शन बिना मारो हिवडो दुखाय रे,

नही रे आवो तो प्यारा जासी मारा प्राण,

नही रे आवो तो प्यारा जासी मारा प्राण,

मारी झूपडीया आवो मारा राम......

एक बार प्यारा थारी झाकी जोवायो,

आंसू रा बिन्दू सु धोवु थारा पाव,

मांगू सदा थारे चरना मे वास,

मांगू सदा थारे चरना मे वास,

मारी झूपडीया आवो मारा राम......

रघुवीर राम ने घणो मै चाहूँ,

शांति दान रो वरदान पावु,

सपनो साकार करोजी मारा राम,

सपनो साकार करोजी मारा राम,

मारी झूपडीया आवो मारा राम......

मन रो मोरलीयो रटे थारो नाम,

म्हारी झुपड़िया आवो मारा राम,

एक बार आया पूरो होवे सब काम,

मारी झूपडीया आवो मारा राम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।