भोले की सवारी देखो आई रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखो आई रे,

भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे.....

दूर दूर से यात्री आवे,

अर्जी अपनी लगावे,

अर्जी अपनी लगाकर वो तो,

मन चाहा फल पावे,

भोले ने बिगड़ी बनाई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखों आई रे.....

कोई बजावे झांझ मंजीरा,

ताशा और मृदंग,

रंग गुलाल अबीर में देखो,

मच रही है हुड़दंग,

महिमा भोले की सबने गाई रे,

महाकाल की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखों आई रे.....

शाही सवारी में बाबा के संग,

भूत प्रेत सब आवे,

बजरंग भेरू गणपति के संग,

हरसिद्धि माँ आवे,

कांवड़ ये सबने चढ़ाई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे,

महाकाल की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखों आई रे......

बाबा की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखो आई रे,

भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे,

भोले की सवारी देखो आई रे,

भक्तो में मस्ती देखो छाई रे,

बाबा की सवारी देखो आई रे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।