शाम से पहले श्याम ही आए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज – दो दिल टूटे दो दिल हारे

शाम से पहले श्याम ही आए,

दुनिया वाले काम ना आए,

शाम से पहले श्याम ही आए......

फिरता रहा था मै तो,

गलियों में मारा मारा सांवरे,

अपने से खायी ठोकर,

कुछ ना मिला था मुझको सांवरे,

तेरी शरण में आया,

तेरी शरण में आया,

सबकुछ लुटा के,

शाम से पहले श्याम ही आए......

सुनकर के रुतबा तेरा,

दर पे तुम्हारे आया सांवरे,

असुवन की धारा लेके,

आँखों में आया मै तो सांवरे,

कुछ भी ना कहने पाया,

कुछ भी ना कहने पाया,

दर पे तेरे आके,

शाम से पहले श्याम ही आए......

धर्मी तो तरते देखे,

कर्मो के बल पे अपने सांवरे,

मुझसा ना अधर्मी दूजा,

श्याम जगत में कोई सांवरे,

फिर भी बचाई तूने,

फिर भी बचाई तूने,

लाज मेरी आके,

शाम से पहले श्याम ही आए......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।