मेरे साइया मैनु माफ़ कर दे

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॥ पावन पाठ ॥

मेरे साइया मैनु माफ़ कर दे,

मेनू माफ़ कर दे मेनू माफ़ कर दे,

मेरे साइया मैनु माफ़ कर दे,

जदो दा तेरे करम नु भूल गया साईं,

तेरे बिना मैं ज़माने च रुल गया साईं,

तुही बक्शन हार है मेरे साईं,

भूल चुक दिलो बिसार मेरे साईं,

असी भूलन हारे माफ़ करी,

तुसी बक्शन हारे माफ़ करी,

असी ओकन हारे माफ़ करी,

तुसी पालन हारे माफ़ करी,

मैं मेरी नही सब्दा दिल दुखाया है,

मैं मेरी नही तेती दूर कराया है,

पला फडिया तेरा हूँ छड ना जाई,

साईंया सह न पावा गा एहे जुदाई,

तुसी बक्शन हारे माफ़ करी,

असी ओकन हारे माफ़ करी,

तुसी पालन हारे माफ़ करी,

लाख गुनाह मैं किते ऐ मेरे साईं,

मत गई सी मारी सतगुरु साईं,

अरदास मेरी सुनले ऐ मेरे साईं,

दोशा ते मेहने तुही परदे पाई,

तुसी बक्शन हारे माफ़ करी,

असी ओकन हारे माफ़ करी,

तुसी पालन हारे माफ़ करी,

दर तेरे सिवा किथे जावा मैं,

तेरे चरनी आके शीश निभाबा मैं,

दर तेरे ते आके सब कुछ पाया है,

रंजित अजल ते सैयां तेरा साया है

तुसी बक्शन हारे माफ़ करी,

असी ओकन हारे माफ़ करी,

तुसी पालन हारे माफ़ करी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।