माँ सरस्वती तेरे चरणों में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माँ सरस्वती तेरे चरणों में,

हम शीश झुकाने आयें है,

दर्शन की भिक्षा लेने को,

दो नयन कटोरे लाए हैं.....

अज्ञान अंधेरा दूर करो और,

ज्ञान का दीप जला देना,

हम ज्ञान की शिक्षा लेने को,

माँ द्वार तिहारे आए हैं.....

हम अज्ञानी बालक तेरे,

अज्ञान दोष को दूर करो,

बहती सरिता विद्या की,

हम उसमें नहाने आए हैं.....

हम साँझ सवेरे गुण गाते,

माँ भक्ति की ज्योति जला देना,

क्या भेंट करु उपहार नहीं,

हम हाथ पसारे आए हैं......

माँ सरस्वती तेरे चरणों में,

हम शीश झुकाने आयें है,

दर्शन की भिक्षा लेने को,

दो नयन कटोरे लाए हैं......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।