मन रे कृष्ण नाम कह लीजे

संत सूरदास
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन रे,, कृष्ण नाम कह लीजे, बांके बिहारी कह लीजे....

गुरु के वचन सत्य कर मानहूं,

साधु समागम कीजे,

पढ़िये सुनिये भगति भगवद,

और कहां तप कीजे,

मन रे,, कृष्ण नाम कह लीजे.....

कानन दूसरो नाम सुने नहीं, एक ही रंग रंग्यो यह डोरो,

धोख्यो से दूसरो नाम कड़े रसना, रसिक काढ़ी हलाहल बोरो,

ठाकुर चित्त की वृत्ति यही, अब कैसेहुं टेक तजे नहीं भोरो,

बावरी वै अंखियां जरी जाहि, जो सावरो छाड़ी निहारत गोरों॥

कृष्ण नाम रस भयो जात है,

तृषावंत है पीजे,

सूरदास हरि शरण ताकिये,

विरथा काहे जीजे,

मन रे,, कृष्ण नाम कह लीजे.....

डॉ सजन सोलंकी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।